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eDistrict उत्तर प्रदेश पोर्टल हेतु अपने विचार साझा करें

आरंभ की तिथि: 26-07-2021
अंतिम तिथि: 31-08-2021

जिला स्तर पर विभिन्न विभागों एवं उनकी क्षमताओं को विस्तार देने हेतु ...

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जिला स्तर पर विभिन्न विभागों एवं उनकी क्षमताओं को विस्तार देने हेतु चर्चा एवं आम जन के विचार जानना अतिअवाश्यक है, ताकि बुनियादी स्तर पर बदलाव लाकर प्रदेश को प्रगति पथ पर अग्रसर किया जा सके.

आपके विचारों तथा सुझावों से उत्तर प्रदेश के नागरिकों को निर्बाध सेवा प्रदान करने में मदद मिलेगी।

MyGov उत्तर प्रदेश पर आप सभी eDistrict उत्तर प्रदेश पोर्टल (www.edistrict.up.gov.in) हेतु अपने विचार व्यक्त के लिए आमंत्रित किया है।

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420 परिणाम मिला

Manish kumar 4 years 2 days पहले

महोदय सविनय निवेदन है कि मैं एक अनाथ, अविवाहित, बेरोजगार, डायबिटीज और किडनी रोगी हूँ. महोदय जनगणना सूची में नाम न होने से मुझे आयुष्मान योजना कार्ड न बन पाने से इस योजना का कोई लाभ नहीं मिल रहा है और न ही नयी जनगणना शुरू हो रही है. मुझे सरकार से किसी भी प्रकार की कोई दूसरी मदद भी नहीं मिल रही है. मेरे माता पिता दोनों राज्य की सेवा में थे किंतु उनमें से किसी की पेंशन भी मुझे पुरुष होने की वजह से नहीं मिलती जिससे भरणपोषण और इलाज कराना बहुत कठिन हो गया है. विनम्र याचना है कि कृपया विचार करें

manoj singh 4 years 2 days पहले

Sir, UP ke portal par alag alag Distt to Village ki mapping milti hai jisse koi bhi application prabhawi nhi bn pata. yadi "Distt to Tehsil" "Tehasil to Block", Block to Gram Panchayat", "Gram Panchayat to Village" ki mapping ek sath UP ke portal pe dal di jaye to age ane wali sbhi application me ek saman data rahega jisse wah Application Prabhawi bn sakta h.

1- Distt to Village (Distt--tehsil--block--GP--Village)
2- Health sector me bht hi safalta mil sakti h

Amit kumar_773 4 years 3 days पहले

ई-डिस्टिक्ट परियोजना ई-गवरनेन्स योजना के अर्न्तगत चलने वाली स्टेट मिशन मोड परियोजना है जिसका मुख्य उदेश्य जन केन्द्रित सेवाओ को कम्पयूटरीकरण करने का है। इस परियोजना में सम्पूर्ण व्यवस्था क्रम को कम्पयूटराइज किया गया है । ई-डिस्टिक्ट परियोजना भारत सरकार द्वारा पोषित परियोजना है , जिसमें कि प्रमाण पत्र , शिकायत एवं सूचना अधिकार , जन वितरण प्रणाली , पेन्शन, खतौनी , राजस्व वाद एवं रोजगार केन्द्रो मे पंजीकरण संबंधी सेवाओं को सम्मिलित किया गया है

SANJAY TIWARI 4 years 3 days पहले

जो भी पोर्टल बने वो बस perfectly work करे means जो भी सर्विसेज उपलब्ध हों वह सही से चले कियूंकि वेबसाइट बहुत हैं पर proper work नहीं करतीं।
धन्यवाद

Mukesh Kumar 4 years 3 days पहले

E district uttar pradesh portal के लिए सभी department की webside एक दूसरे से merge कर देनी चाहिए। जिससे सारी information एक ही portal पर आसानी से प्राप्त हो सके।

kuldeep mohan trivedi 4 years 3 days पहले

1-जिले में सुशासन के लिये हर विभाग के लिपिकों और अधिकारियों का ट्रांसफर 5वर्ष बाद दूसरे जिले में कर दिया जाए।2-जिले तैनात BDO से DM तक को प्रतिदिन जिले के गाँवो का भ्रमण और विकास परियोजनाओं को देखने का निर्देश सरकार जारी करना चाहिये।3-ग्रामीण क्षेत्रो में फैले भ्रष्टाचार रोकने के लिये जांच कमेटी बनाई जाए जो निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्यवाही करें।

Rishabh kumar 4 years 3 days पहले

महोदय , राज्य का वन आवरण 15 प्रतिशत 2030 से पूर्व प्रात्त करने हेतु राज्य के प्रत्येक नागरिक एवं सरकारी कर्मचारी को अनिवार्य रूप से पौधरोपण का कार्यक्रम प्रत्येक माह के अन्तिम दिवस में होना चाहिए।

Shailendra Kumar Yadav 4 years 4 days पहले

Edistrict.up.nic.in :किसी भी दस्तावेज या प्रमाण पत्र के लिए सरकारी कार्यालय और अधिकारियों के दफ्तरो का चक्कर लगाना अब पुरानी बात हो गई है|भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया के तहत प्रमाण पत्र, शिकायत, जन वितरण प्रणली पेंशन, रोजगार से संबंधित दस्तावेज के लिए अब घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं|प्रमाण पत्र के लिए अवेदन और सत्यापन के अब कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पडेगा। अब ये सभी कार्य ऑनलाइन Edistrict.up.nic.in पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है|https://www.uppoliceresults.co.in/edistrict-up-nic-in/

BHAVANA SAROJ 4 years 4 days पहले

आदरणीय मुख्यमंत्री जी,
मेरा आपसे निवेदन है कि जिस तरह शासकीय विभाग में मातृ अवकाश की सुविधाएं महिलाओं को मिलती है, उसी प्रकार एक पिता को भी लगभग पांच से दस दिन का पितृ अवकाश मंजूर होना चाहिए।
ये समस्या मुझको तब समझ आई जब मेरे उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक पति को बेटी के जन्म होने पर विद्यालय जाना आवश्यक था।कुछ ऐसे कर्मचारी है जिनके घर में कोई देखने वाला नही है ,जिनकी पत्नियां को सिजेरियन ऑपरेशन होते है ,और उनको अस्पताल में छोड़कर विद्यालय जाना बड़ा कष्टकारी होता है।