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उत्तर प्रदेश में 'सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट' को और मजबूती प्रदान करने हेतु अपने विचारों और सुझावों को साझा करें

आरंभ की तिथि: 26-07-2021
अंतिम तिथि: 31-08-2021

हमारे घरों, फैक्ट्रियों और शहरों से प्रतिदिन निकलने वाला कचरा आज ...

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हमारे घरों, फैक्ट्रियों और शहरों से प्रतिदिन निकलने वाला कचरा आज दुनिया की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है जिसके लिए ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट’ अत्यंत आवश्यक है।

‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट’ का अर्थ है कि कैसे ठोस अपशिष्ट को बदलकर उसे उपयोगी वास्तु में परिवर्तित कर एक मूल्यवान संसाधन के रूप में दुबारा उपयोग किया जा सके।

शहरी स्थानीय निकायों एवं आबादी की बढ़ती संख्या के कारण कचरे का उत्पादन अत्यधिक है। इस कचरे को खाद और ऊर्जा के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।

इसके साथ ही अपशिष्ट प्रबंधन में आपके विचार सरकार के लिए मायने रखते हैं।

उत्तर प्रदेश को 'सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट' के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में आपका योगदान भी अतिअवाश्यक है. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट ’को मजबूत करने हेतु अपने विचार और सुझाव यहां साझा करें।

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125 परिणाम मिला
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kajal singh 3 महीने 6 days पहले

सर सबसे पहले तो जो भी आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग हैं उनको शिक्षित करने की जरूरत है उनको शिक्षित करके उनसे ही आपको हर क्षेत्र में आपको सहायता मिलती रहेगी उनसे आप किसी भी फील्ड की शिक्षा देकर उसका भरपूर फायदा उठा सकते हैं क्योंकि इससे पहले बाटों और राज करो की नीति लागू रही है आप थोड़ा सा सहयोग देकर जिन्दगी भर उनका साथ पा सकते हैं कृपया इस विचार जरूर कीजियेगा धन्यवाद

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Shanta Srivastava 3 महीने 6 days पहले

आज के समय में कोई चीज बेकार नहीं है इसलिये सॉलिड वेस्ट को पुनर्चक्रित कर उपयोगी बनाकर गरीबें को भी सस्ते दामों पर उपलब्ध कराया जा सकता है ताकि गरीब भी हर वस्तु का उपयोग करने में सक्षम हो सकेंं!

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Shanta Srivastava 3 महीने 6 days पहले

किसानों को समूह के माध्यम से,बैंक रिण व मशरूम, अगरबत्ती, अचार मुरब्बा, जेम जैली आदि बनाने का प्रशिक्षण दिलाकर स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बनाने में भी परियोजना सहयोगी है इसलिये इस परियोजना को पुन:उत्तर प्रदेश में चलाया जाना आवश्यक है!

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Shanta Srivastava 3 महीने 6 days पहले

साफ सफाई, घरों से निकलने वाले सूखे गीले कूड़े करकट से नैडप गड्ढा भरने वर्मी कम्पोस्ट जैविक खाद बनाने, जैविक खेती करने, गेहूँ धान के अलावा सब्जी उत्पादन, दलहन, तिलहन, चरी, हरा चारा आदि बोकर खेती में विविधता लाने के सथ महिला पुरूष

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Shanta Srivastava 3 महीने 6 days पहले

उत्तर प्रदेश में कुछ वर्ष पूर्व चलाये गये (विश्व बैंक) द्वारा पोषित (उ0प्र0 कृषि विविधीकरण परियोजना) को उ0प्र0 के हर जनपद में पुन: शुरू किया जाना आवश्यक है क्योंकि इस परियोजना के माध्यम से गाँव गाँव में

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Shanta Srivastava 3 महीने 6 days पहले

सूखे व गीले कूड़े करकट का इस्तेमाल नैडप कम्पोस्ट गड्ढे में भरने व वर्मी कम्पोस्ट जैविक खाद बनाने के लिये प्रत्येक न्याय पंचायत में एक किसान विद्यालय का गठन कर किसानों को प्रशिक्षित व जागरूक किया जाना आवश्यक है और इसके लिये .

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Shanta Srivastava 3 महीने 6 days पहले

बेरोजगार युवाओं को विशेष प्रशिक्षण, विशेष अनुदान, विशेष सुविधा प्रदान कर स्वरोजगार हेतु प्रेरित व प्रोत्साहित किया जाना सॉलिड वेस्ट के क्षेत्र में तथा स्वच्छ व स्वस्थ प्रदेश के निर्माण में आवश्यक है साथ ही

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Shanta Srivastava 3 महीने 6 days पहले

ग्रामीण क्षेत्रों में जगह बंजर जमीन की कोई कमी नहीं इसलिये प्रत्येक न्याय पंचायत/ग्राम पंचायत स्तर पर Reduce /Recycle /Reuse पुनर्चक्रित होने वाले ठोस कचरे को इकट्ठा करने के लिये "कलेक्शन सेन्टर" व "रिसाइकल सेन्टर" खोलने के लिये

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Shanta Srivastava 3 महीने 6 days पहले

इसलिये हम सभी प्रदेशवासियों जन जन की भागीदारी व जागरूकता ज़रूरी है हम जागरूक हों और अपने प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ पर्यावरण व स्वस्थ जीवन जीने के लिये अपने अपने घरों में भी पेपर, ग्लास, प्लास्टिक, मेटल जैसे ठोस कचरे की छँटाई कर बदलकर इसे उपयोगी वस्तु के रूप में परिवर्तित कर मूल्यवान संसाधन के रूप में दुबारा उपयोग कर सकें!

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Shanta Srivastava 3 महीने 6 days पहले

आज शहरीकरण, आधुनिकीकरण, औद्योगिकीकरण और आर्थिक विकास के परिणामस्वरूप हमारे प्रदेश ही नहीं पूरे देश में बहुत बड़ी समस्या का रूप ले चुका है! दिनोंदिन बेतहासा बढती जनसंख्या और लोगों के जीवन स्तर में सुधार के कारण यह समस्या और भी जटिल हुई है