आरंभ की तिथि: 26-07-2021
अंतिम तिथि: 30-07-2023
'ऑर्गेनिक फार्मिंग’ जैविक खेती कृषि की वह पद्धति है, जिसमें पर्यावरण ...
विवरण देखें
जानकारी छिपाएँ
'ऑर्गेनिक फार्मिंग’ जैविक खेती कृषि की वह पद्धति है, जिसमें पर्यावरण को स्वच्छ प्राकृतिक संतुलन को कायम रखते हुए भूमि, जल एवं वायु को प्रदूषित किये बिना दीर्घकालीन व स्थिर उत्पादन प्राप्त किया जाता है। इस पद्धति में रसायनों का उपयोग कम से कम व आवश्यकतानुसार किया जाता है।
दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य में, उत्तर प्रदेश को एक जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाला राज्य बनाने का राज्य सरकार का प्रयास है।
उत्तर प्रदेश में जैविक खेती बढ़ाने के लिए अपने सुझाव / विचार साझा करें।
kuldeep mohan trivedi 5 years 1 month पहले
उप्र में जैविक खेती को बढ़ावा देने की सख्त जरूरत है।दिनोदिन बढ़ते रासायनिक उर्वरकों के दाम किसानों के लिये संकट उत्पन्न कर रहे है।किसानों को प्राचीन कृषि पद्धतियों को अपनाना चाहिये।जैविक उर्वरको का प्रयोग,ढैचा, सनई और दलहन की फसलों की खेती कर मिट्टी को स्वस्थ और उपजाऊ बनाना चाहिये।सरकार किसानों को दलहन,सनई, ढैचा के बीज सस्ती दरों,नैडप कंपोस्ट और केचुवा की खाद बनाने के लिये जमीनी कार्य करना चाहिये।लोगो को पशुपालन करने के लिये बढ़ावा और पशुओं की चिकित्सा के लिये उपाय करना चाहिये।